
गेंहू गबन के मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बड़ी कार्यवाही
अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी 50 लाख रूपये का गेंहू जमा नही करा रहे है सचिव व क्रय केन्द्र प्रभारी
ललितपुर। बीपैक्स थनवारा सोसायटी पर 50 लाख रूपये के गेंहू गबन के मामले में सहकारिता विभाग द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए सोसायटी के कार्यालय को सील कर दिया। विगत दिनों पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक जब जनपद दौरे पर आये थे तो उन्होंने 31 जुलाई तक गेंहू जमा कराने के निर्देश सचिव व क्रय केन्द्र प्रभारी को दिये गये थे। परन्तु निर्धारित समयावधि बीतने के बाद अब तक गेंहू को जमा नही कराया गया। इससे स्पष्ट है कि सोसायटी के सचिव व क्रय केन्द्र प्रभारी के पास खरीदा गया गेंहू उपलब्ध नही है। इसलिए जमा नही कराया गया। अब इस मामले में दोषी सचिव पर विभाग निलंबन की कार्यवाही कब करता है और एफआईआर दर्ज कराने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, यह देखना बाकी है।
उल्लेखनीय है कि गेंहू खरीद के लिए बीपैक्स थनवारा की सोसायटी को क्रय केन्द्र बनाया गया था। क्रय केन्द्र बनते साथ ही सचिव ने धांधली करने के लिए नियमों को ताक पर रखकर कमीशन के आधार पर काम करने वाले अमीन को क्रय केन्द्र प्रभारी बना दिया। जो कि नियमानुसार गलत था। क्योंकि वह समिति का स्थाई कर्मचारी नही था। अमीन को क्रय केन्द्र प्रभारी बनाने के लिए दिये गये प्रस्ताव पर सहकारिता विभाग ने भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी थी। गेंहू खरीद का कार्य लगभग 2 माह चला। परन्तु मामला तब खुला जब जिला प्रबंधक पीसीएफ ने डिलीवरी न देने पर क्रय केन्द्र का दौरा किया।
27 मई को जब क्रय केन्द्र पर जिला प्रबंधक पीसीएफ पहुंचे तो जानकारी मिली कि अब तक 5639 कुन्तल गेंहू की खरीद की जा चुकी है। जिसमें से 3310 कुन्तल गेंहू की डिलीवरी एफसीआई को की जा चुकी है और 2329 कुन्तल की डिलीवरी होना अवशेष है। अवशेष गेंहू की डिलीवरी देने के विषय में क्रय केन्द्र प्रभारी से कहा गया तो उसने 4 दिवस में गेंहू की डिलीवरी देने का आश्वासन दिया। परन्तु गेंहू की डिलीवरी नही दी गयी। 7 जून को जिला प्रबंधक ने फिर से क्रय केन्द्र का निरीक्षण किया तो 2109 कुन्तल गेंहू की डिलीवरी अवशेष मिली। इस दौरान यह मामला निरंतर सुर्खियों में रहा।
उक्त प्रकरण के संबंध में जब सहायक निबंधक से जानकारी ली गयी तो उनका हर बार का यह कहना था कि उक्त क्रय केन्द्र पर मोबाइल खरीद की गयी है। इसलिए जिस गांव में खरीद की गयी है वहीं पर गेंहू रखा है। जल्द ही गेंहू की डिलीवरी कराई जायेगी। परन्तु दिन बीतते गये और सहायक निबंधक द्वारा दोषी सचिव व क्रय केन्द्र प्रभारी पर कोई कार्यवाही नही की गयी। गेंह की डिलीवरी के लिए केवल पत्राचार चलता रहा। कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारी सक्रिय नही हुए और क्रय केन्द्र प्रभारी को उच्च न्यायालय में अपील करने का अवसर दे दिया। पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक मनोज द्विवेदी विगत दिनों जब जनपद दौरे पर तो उन्होनें 31 जुलाई तक गेंहू को जमा कर देने के निर्देश दिये थे। परन्तु निर्धारित समावधि में भी 50 लाख रूपये का गेंहू जमा नही कराया गया था। अब इस मामले में नया मोड़ आया है कि सहकारी समिति के कार्यालय को सील कर दिया गया है। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने थनवारा पहुंचकर भवन को सील कर दिया।


