Monday, April 6, 2026

सावन के द्वितीय सोवमार को श्रद्धालुओं ने किये 25 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण

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ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर चल रहें सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन में द्वितीय सावन सोमवार को श्रद्धालुओं का रेला पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए मंगल भवन में आ गया। हर भक्त पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर धर्म लाभ लेने के लिए आतुर था। महिलाओं से लेकर बच्चे व पुरूष भोले की भक्ति मे डूबे हुए थे। द्वितीय सावन सोमवार को श्रद्धालुओं ने 25 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। भोलेनाथ का अभिषेक मुख्य यजमान हरिशंकर साहू व अन्य यजमान संदीप तिवारी, प्रदीप साहू सहित अन्य भक्तों द्वारा किया गया।

वहीं श्रद्धालुओं का शिवमहापुराण की कथा सुनाते हुए अनंत विभूषित चंडीपीठाधीश्वाराचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहाकि भगवान शिव के नाम का उच्चरण करना परम आनंदकारी हैं। इसके उच्चारण से पापों का शमन होता हैं। क्योंकि शिव मंगल, शुभ सौभाग्यसूचक देवता हैं। भगवान शिव क एक नाम सदाशिव हैं। जिसका अर्थ हैं जो ब्रह्मा से सृष्टि की रचना कराते है। भगवान विष्णु से उसका पालन और रुद्र से उसका विनाश कराते हैं। परन्तु शिव अपने भक्तों का शीघ्र कल्याण करते हैं। वरदान प्रदान करने में भी उदार है। भगवान भोले नाथ की महिमा का कोई छोर नही है। ज बवह प्रसन्न होते है तो क्षणभर में भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण कर देते है। वहीं जब वह क्रोधित हो जाये तो उनके तेज से संसार की बड़ी से बड़ी महाशक्ति भी नही जीत सकती। परमातमा शिव के इसी स्वरूप द्वार मनाव शरीर को रूद्र से शिव बनने का ज्ञान प्राप्त होता है। भगवान भोले नाथ भक्त की अल्प पूजा से भी प्रसन्न हो जाते है। साथ ही सावन का माह तो भगवान भोले नाथ को समर्पित है। श्री शिव महापुराण की आरती कथा के मुख्य यजमान डा. अनूप श्रीवास्तव व डा. रानी श्रीवास्तव द्वारा की गयी।

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