
उरई मुख्यालय छोड़कर लगातार प्रमुख अभियंता कार्यालय के लगा रहे है चक्कर
मुख्य अभियंता झांसी क्षेत्र एक सप्ताह में कार्यवाही कर ईएनसी को देंगे सूचना
ललितपुर/उरई। उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों की हिटलर शाही चरम पर है। उन्हें न तो उच्च अधिकारियों के आदेश की परवाह में और न ही यह डर है कि मामला खुलने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही भी हो सकती है। इसलिए वह अपनी मनमाफिक काम करते है। नियम कानून उनके लिए कोई चीज नही है। लोक निर्माण विभाग उरई के निर्माण खण्ड़ प्रथम में तैनात अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार (अतिरिक्त प्रभार प्रांतीय खण्ड़ लोक निर्माण विभाग) की गिनती भी ऐसे ही अधिकारियों में होती है। अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार के नये मामले को लेकर प्रमुख अभियंता ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यवाही के निर्देश दिये है। सुनील कुमार पर बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़कर अनावश्यक रूप से मुख्यालय के चक्कर लगाने का आरोप है।
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खण्ड़- प्रथम उरई के अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार की गिनती प्रदेश के चर्चित अधिकारियों में होती है। जिस प्रखण्ड़ में इनकी तैनाती हो जाती है। वहां पर ठेकेदारों से लेकर अभियंताओं व कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले रहती है। क्योंकि सुनील कुमार उन अधिशाषी अभियंताओं में शािमल है जो लाखों करोड़ो के भुगतान करने के लिए सदैव तैयार रहते है, चाहे काम हुआ हो या ना हुआ हो। ललितपुर में भी तैनाती के दौरान यह केवल भुगतान करने के लिए ललितपुर में आते थे और अन्य कार्य सहायक अभियंता से लेकर कर्मचारियों द्वारा देखा जाता था।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता/ विभागाध्यक्ष ने 23 जनवरी 2025 को मुख्य अभियंता झांसी क्षेत्र को एक पत्र भेजकर अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यवाही के निर्देश दिये है। सुनील कुमार पर आरोप है कि वह निरंतर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना उरई मुख्यालय छोड़कर प्रमुख अभियंता कार्यालय के चक्कर काट रहे है। जबकि मुख्यालय पर जिलाधिकारी व आयुक्त की निरंतर बैठकें होती रहती है उसमें उपस्थित रहना आवश्यक है। परन्तु सुनील कुमार लगातार प्रमुख अभियंता कार्यालय के चक्कर काट रहे है। पत्र में यह भी कहा गया कि लोक निर्माण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना मुख्यालय से बाहर रहते है। जिस कारण विभागीय कार्य में बाधा उत्पन्न होती है। इसके लिए प्रमुख सचिव द्वारा समय-समय पर निर्देश भी दिये गये है कि अनावश्यक रूप से तैनाती स्थल का मुख्यालय न छोड़ा जाये। लेकिन सुनील कुमार के द्वारा निरंतर शासनादेश का उल्लंघन किया जा रहा है। पत्र में यह भी कहा गया कि सम्बंधित अभियंता यदि शासनादेश का उल्लघंन करते है तो उनके विरूद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।
प्रमुख अभियंता ने एसपी सिंह ने मुख्य अभियंता झांसी क्षेत्र को निर्देश दिये है कि अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार से स्प्ष्टीकरण प्राप्त कर उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही कर इसकी सूचना एक सप्ताह के भीतर दी जाये।
14 किमी दूर बना दिया स्वागत द्वार, मामला खुलने पर बचने के लिए लगाई जा रही है मुख्यालय की दौड़
लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी की जडे़ इतनी गहरी हो चुकी है कि उन पर लगाम लगाना असंभव सा दिख रहा है। जानकार बताते है कि उरई के अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार मुख्यालय के चक्कर यूं ही नही लगा रहे है। इसके पीछे झांसी में तैनाती के दौरान की गयी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा झांसी-ग्वालियर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्वागत द्वार बनाने का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। इस स्वागत द्वार को बॉर्डर से 14 किमी दूर बना दिया। जिस समय स्वागत द्वार का निर्माण हो रहा था उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा गलत जगह गेट बनने पर आपत्ति भी जताई थी। लेकिन अपनी मदमस्त चाल में चल रहे सुनील कुमार को उस समय इसकी कोई चिंट नही हुई अब मामले की जांच चल रही है। तो कार्यवाही से बचने की जुगाड़ लगाने के लिए मुख्यालय के चक्कर काट रहे है। अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार द्वारा न केवल झांसी में बल्कि ललितपुर में भी अपनी तैनाती के दौरान कई मामलों में घोटाला किया गया अगर इनके कार्यकाल में हुए भुगतान की जांच करा ली जाये तो बड़ा घोटाला सामने आयेगा।


