Monday, April 6, 2026

जिला पंचायतः- अध्यक्ष की हिटलरशाही से परेशान कर्मचारी गये सामूहिक अवकाश पर

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चहेते ठेकेदारों के फर्जी भुगतान न करने पर जेई व लेखाकर से की अभद्रता
मनमाफिक कार्य न करने पर अध्यक्ष द्वारा दी जाती है निलंबन की धमकी
उच्चाधिकारियों को पत्र देकर अध्यक्ष पर लगाये कमरे में बुलाकर गाली-गलौच व अभद्रता करने के आरोप

ललितपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन की हिटलर शाही से परेशान होकर गुरूवार को कर्मचारियों ने सामूहिक कार्य वहिष्कार कर दिया और उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देकर सामूहिक अवकाश पर जाने की स्वीकृति मांगी है। उच्चाधिकारियों को पत्र दिया गया है उसमें अध्यक्ष पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करने मनमाने तरीके से काम कराने और मारपीट करने तक के आरोप है।
जिला पंचायत के समस्त कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को एक पत्र देकर बताया कि अध्यक्ष द्वारा सभी कर्मचारियों से नियम व शासनादेश के विरूद्ध कार्य करने का दबाव बनाया जाता है। प्रतिदिन किसी न किसी कर्मचारी से अभद्रता व गाली-गलौच की जाती है। तथा धमकी दी जाती है कि अगर उनके हिसाब से काम नही किया तो वोर्ड में प्रस्ताव लाकर उसे निलंबित करवा देंगे। जिस कारण कर्मचारी काफी भय में रहते है। सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कर्मचारियों से काम कराया जाता है। उपस्थिति रजिस्टर पर अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को अनुपस्थित दिखाकर वेतन रोक दी जाती है। जिसकी पुष्टि उपस्थिति रजिस्टर पर अंकित टिप्पणी से की जा सकती है। प्रतिदिन कार्यालय समय 5 बजे पूर्ण होने के पश्चात अवैध तरीके से रात्रि 9-10 बजे तक कार्यालय खोला जाता है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारों का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। ज्ञापन पर ह्दय नारायण, बलवीर सिंह, अमितेन्द्र पाण्डेय, राजीव, हरिशंकर, लालाराम, रियाज अहमद, हीरालाल यादव, मो0 शादाब, राकेश कुमार, पीपी सिंह, पूजा, अंकित, अशुतोष और अभियंता दिनेश कुमार, स्वतंत्र, शीतल आदि के हस्ताक्षर है।

अध्यक्ष ने तत्कालीन एएमए मणीन्द्र सिंह व अर्जुन सिंह से भी की थी गाली-गलौच

जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन का कर्मचारियों व अधिकारियों से अभद्रता का यह पहला मामला नही है। इसके पूर्व वह वर्ष 2021 में अपर मुख्य अधिकारी मणीन्द्र सिंह से अभद्रता व गाली-गलौच कर चुके है। जिसकी शिकायत भी अपर मुख्य अधिकारी द्वारा शासन में की गयी थी। जिसके बाद शासन ने अध्यक्ष कैलाश निरंजन को धारा 29 का नोटिस जारी किया था। परन्तु यह मामला भी रफा-दफा हो गया। इसके बाद वर्ष 2023 में पूर्व अपर मुख्य अधिकारी अर्जुन सिंह को अपने कक्ष में बुलाकर मां बहिनों की गालियां दी थी और मारपीट करने का प्रयास भी किया था। अर्जुन सिंह वाले प्रकरण में तो मामला यहां तक पहुंच गया था कि एक-दूसरे ने दोनों पर पेपर बैट व फाइलों से हमला भी कर दिया था। लेकिन माफी-मांगने के बाद यह मामला भी निपट गया।

पुत्र का निजी वाहन चला रहा है सरकारी ड्राइवर
कर्मचारियों ने जो ज्ञापन दिया है उसमें यह भी बताया कि जिला पंचायत में एक राजकीय वाहन है और दो वाहन चालक कार्यरत है। जिसमें एक चालक लालाराम की तैनाती अपने पुत्र का वाहन चलाने में कर रखी है। सरकारी चालक विगत दो वर्षो से इनके पुत्र का निजी वाहन चला रहा है। इसके अलावा जिला पंचायत के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को अपने घर पर बुलाकर बिना किसी कारण के बंधक बनाकर मारपीट करने के आरोप भी लगाये गये। अध्यक्ष की हिटलरशाही से जिला पंचायत के कर्मचारी काफी भय में है।

जिला पंचायत के भ्रष्टाचार की लगातार खबरे प्रकाशित कर रहा है पैनी नजर

अपनी भ्रष्ट व हिटलरशाही कार्य प्रणाली के कारण चर्चित रहे जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन के कारनामों को लेकर पैनी नज़र निरंतर खबरे प्रकाशित करता रहा है। जिसमें टेंडर प्रक्रिया से लेकर निर्माण कार्यो में धांधली तक की खबरें प्रकाशित की गयी है। गुरूवार को कर्मचारियों ने जो ज्ञापन दिया है उसमें यह भी आरोप लगाया है कि जिला ंपंचायत के लेखाकार हीरालाल यादव और अवर अभियंताओं को अपने कक्ष में बुलाकर चहेते ठेकेदारों के पक्ष में नियम विरूद्ध तरीके से भुगतान का दबाव बनाया गया था और गाली-गलौच व अभद्रता भी की गयी थी। साथ ही वर्तमान में तैनात अपर मुख्य अधिकारी सुनील कुमार से भी कक्ष में बुलाकर अभद्रता कर चुके है।

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