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Tuesday, October 20, 2026

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श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर अष्टमी के पर्व पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

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धूमधाम से हुआ गरबा व डांडिया कार्यक्रम का आयोजन

ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर अष्टमी की रात्रि मंगलवार को गरबा, डांडिया व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ परमपूज्य अनंतवभूषित चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वरगिरी जी महाराज के सानिध्य व मुख्यअतिथि जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने सपत्नीक किया।तत्पश्चात् महाआरती की गयी।महाआरती में विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत कैलाश नारायण निरंजन,भाजपा के प्रदेश मंत्री अनिल यादव,उपजिलाधिकारी हेमंत पटेल
,पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप चौबे,प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय जैन कल्लू,वरिष्ठ पत्रकार अजय तिवारी “नीलू”,अमर उजाला ब्यूरो चीफ राजीव शुक्ला,वरिष्ठ अधिवक्ता के के बंसल,ज्योति कल्पनीत सिंह,हरीशंकर साहू,डाॅ अनूप श्रीवास्तव,डाॅ एसपी पाठक रहें।
इस दौरान महाराज जी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व सनातन धर्म की एकता का प्रतीक है। सभी लोग नवरात्र के पर्व में 9 दिन एकता के साथ मां की आराधना करते है। मां की आराधना का बड़ा महत्व बताया गया है। श्री देवी भागवत महापुराण में इसकी स्पष्ट व्याख्या की गयी है। उन्होंने कहा कि इस पुराण के श्रवण व वाचन से स्वाभाविक रूप से पुण्य और चेतना की शुद्धि, आदि शक्ति भगवती के प्रति आकर्षण और विषयों का त्याग होता है। मनुष्यों को सांसारिक और पारलौकिक हानि और लाभ का सच्चा ज्ञान होता है, साथ ही जो जिज्ञासु और चाहने वाले होते हैं। उन्हें शास्त्रोक्त मर्यादा के अनुसार जीवन जीने के लिए कल्याणकारी ज्ञान, सुंदर एवं पवित्र जीवन जीने की शिक्षा भी इस पुराण से मिलती है। इस प्रकार यह पुराण जिज्ञासुओं के लिए अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक तथा उनकी सच्ची समृद्धि में पूर्ण सहायक है। भागवत के एक श्लोक अथवा आधे श्लोक का भी भक्ति भाव से नित्य पाठ करता है, उस पर देवी प्रसन्न हो जाती है। अनेकों उत्पात भी देवी भागवत के श्रवण मात्र से शमन हो जाते हैं। पूतना आदि बालग्रहकृत तथा भूतप्रेतजनित जो भय है, वे इस देवी भागवत के श्रवण से पास भी नहीं फटक सकते। भक्तिपूर्वक देवी भागवत का पाठ और श्रवण करने वाला मनुष्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के फल का अधिकारी हो जाता है। जिसके घर में श्रीमद्देवीभागवत की पुस्तक का नित्य पूजन होता है, वह घर तीर्थ स्वरूप हो जाता है। वहां रहने वाले लोगों के पास पाप नहीं टिक सकते। जो अष्टमी, नवमी अथवा चतुर्दशी के दिन भक्ति के साथ यह कथा सुनता या पढ़ता है, उसे परमसिद्धि उपलब्ध हो जाती है। कृपाशंकर व्यास,महेन्द्र अग्निहोत्री,मनीष अग्रवाल, परमानंद तिवारी, विजय श्रीवास्तव,अजय श्रीवास्तव,संदीप तिवारी,अनूप मोदी, राहुल शुक्ला, अश्विनी पुरोहित ,शत्रुघन यादव,अभिषेक जैन अब्बू मुच्छाल,दिनेश पाठक,शांतनु पुरोहित
,मनीष दुबे,गणेशराम शर्मा,रामकृपाल गुप्ता,लक्ष्मीनारायण साहू, संतोष साहू, लखन यादव,भानुप्रताप सिंह परमार,राजकुमारी सिंह, विवेक रावत, बाबा हीरानंद गिरी,, अमित संज्ञा, आदि उपस्थित रहे। मंच का संचालन बृजमोहन संज्ञा ने किया।
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चंडी मंदिर पर आज मनाया जायेगा विजयादशमी का पर्व
श्री सिद्वपीठ चंडी मंदिर धाम पर आज मंगलवार को विजयादशमी का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। इस दौरान रावण के विशाल पुतले का दहन, दशहरा मिलन कार्यक्रम व रंगारंग आतिशबाजी का आयोजन होगा। जिसमें गणमान्य अतिथि भाग लेंगे। रावण के पुतले का दहन रात्रि 8 बजे होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते परमपूज्य चंडीपीठाधीश्वर व जिलाधिकारी सत्यप्रकाश

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